कटिंग बोर्ड के लिए सबसे अच्छी लकड़ी

कटिंग बोर्ड के लिए कठोर मेपल, अखरोट और चेरी सबसे अच्छे विकल्प हैं। ये इतनी कठोर हैं कि चाकू के गहरे निशान नहीं पड़ते, लेकिन इतनी कठोर नहीं कि चाकू की धार जल्दी कुंद हो जाए। इनके बारीक, बंद छिद्र रस को भीतर नहीं सोखते। बीच और सागौन भी अच्छे विकल्प हैं। लाल ओक जैसी खुले छिद्रों वाली लकड़ी, चाकू की धार कुंद करने वाली बहुत कठोर विदेशी लकड़ी और त्वचा में जलन पैदा करने वाली प्रजातियों से बचें।
कटिंग बोर्ड के लिए अच्छी लकड़ी कैसे चुनें
तीन बातें देखें। कठोरता: जानका पैमाने पर लगभग 900 से 1500 आदर्श है; नरम लकड़ी पर जल्दी निशान पड़ते हैं और ज़्यादा कठोर लकड़ी चाकू कुंद करती है। बंद रेशे: छोटे, सघन छिद्र नमी और खाने के कणों को भीतर जाने से रोकते हैं। खाद्य सुरक्षा: लकड़ी विषैली न हो और आम तौर पर एलर्जी न पैदा करती हो। कठोर मेपल (लगभग 1450), अखरोट (लगभग 1010) और चेरी (लगभग 950) इन तीनों कसौटियों पर खरी उतरती हैं। इसीलिए ज़्यादातर पेशेवर कटिंग बोर्ड इन्हीं से बनते हैं।
कटिंग बोर्ड के लिए किन लकड़ियों से बचें
लाल ओक के खुले छिद्र बोर्ड की पूरी लंबाई में होते हैं। तरल उनमें आसानी से समा जाता है और उसे साफ़ करना मुश्किल होता है। चीड़ जैसी नरम लकड़ी पर जल्दी गड्ढे और कट लगते हैं; उसमें राल का स्वाद भी आ सकता है। इपे और पर्पलहार्ट जैसी बेहद कठोर उष्णकटिबंधीय लकड़ियाँ चाकू की धार जल्दी कुंद करती हैं। कोकोबोलो और अन्य असली रोज़वुड समेत कुछ विदेशी लकड़ियाँ कई लोगों की त्वचा में जलन पैदा करती हैं। पैलेट या पुरानी इमारतों से निकली ऐसी लकड़ी भी न लें जिसका इतिहास पता न हो।
एंड ग्रेन, एज ग्रेन या फेस ग्रेन?
एंड ग्रेन बोर्ड में लकड़ी के रेशे ब्रश की तरह सीधे खड़े होते हैं। चाकू उनके बीच से गुज़रता है, कट के निशान कम दिखते हैं और धार पर सबसे कम असर पड़ता है। लेकिन इसे बनाने में ज़्यादा मेहनत लगती है और तेल भी ज़्यादा लगाना पड़ता है। एज ग्रेन बोर्ड लकड़ी की पट्टियाँ साथ-साथ चिपकाकर बनते हैं। ये टिकाऊ, बनाने में आसान और ज़्यादातर रसोई के लिए किफ़ायती विकल्प हैं। फेस ग्रेन बोर्ड में लकड़ी की चौड़ी, आकर्षक सतह दिखती है, लेकिन उस पर सबसे जल्दी निशान पड़ते हैं। इसलिए रोज़ काटने के बजाय खाना या चीज़ परोसने के लिए ये बेहतर हैं।

खाने के संपर्क में लाने से पहले बोर्ड जाँचें
बची हुई लकड़ी से बने, उपहार में मिले या पुराने खरीदे गए बोर्ड की लकड़ी अक्सर अज्ञात होती है। LasWood में एक फ़ोटो से पता करें कि आपका बोर्ड मेपल का है या खुले छिद्रों वाले ओक का। उसका विवरण कठोरता और सामान्य इस्तेमाल भी बताता है, ताकि आप सोच-समझकर फ़ैसला लें। फिर उस पर सादा, खाद्य-सुरक्षित मिनरल ऑयल या तेल और मधुमक्खी के मोम का मिश्रण लगाएँ। सतह सूखी दिखने पर दोबारा तेल लगाएँ।
लोगों के सवाल
कटिंग बोर्ड के लिए लकड़ी ज़्यादा स्वच्छ है या प्लास्टिक?
खाद्य सुरक्षा से जुड़े शोध में पाया गया है कि अच्छी तरह रखे गए कठोर लकड़ी के बोर्ड, चाकू से निशान पड़ने के बाद भी, प्लास्टिक जितने ही स्वच्छ रह सकते हैं। बोर्ड को गर्म साबुन वाले पानी से धोएँ, सीधा खड़ा करके सुखाएँ और लकड़ी के बोर्ड को कभी भिगोकर न रखें या डिशवॉशर में न डालें।
क्या बाँस कटिंग बोर्ड के लिए अच्छा है?
बाँस लकड़ी नहीं, घास है। यह कठोर और सस्ता है, लेकिन चाकू की धार पर भारी पड़ता है और इसमें गोंद भी काफ़ी होता है। अच्छे चाकुओं के लिए मेपल या अखरोट बेहतर हैं।


